हरियाणा के अंबाला जिले में 13 लोगों की अमेरिका से वापसी हुई है। इनमें से अधिकांश बराड़ा के रहने वाले हैं। इन लोगों ने विदेश जाने के लिए अपनी जमीन बेची गहने गिरवी रखे और बैंक से कर्ज लिया था। डंकी मार्ग से अमेरिका पहुंचने के बाद उन्हें पकड़ लिया गया और अब वे खाली हाथ वापस आ गए हैं।
अमेरिका से डिपोर्ट होकर सोमवार को जिले में 13 लोगों की घर वापसी हो गई। इनमें सबसे ज्यादा 9 लोग बराड़ा के हैं जबकि एक नारायणगढ़ के बूढ़ा खेड़ा का रहने वाला है। इसी तरह दो साहा के हैं जबकि 13वां युवक शहर हलके के गांव नग्गल का रहने वाला है नितिन पुत्र मामराज शामिल हैं।
बराड़ा खंड में आने वाले आठ लोगों में एक ही परिवार के पति-पत्नी और उनका बेटा व बेटी चार सदस्य भी शामिल हैं। डंकी मार्ग से अमेरिका पहुंचने वालों ने यहां तक पहुंचने के लिए किसी ने अपनी जमीन गिरवी रखी थी तो किसी ने गहनों पर लोन लिया था। किसी ने अपना प्लाट बेचा था। ज्यादातर टूरिस्ट वीजा पर विदेश पहुंचे थे और वहीं से उन्होंने आगे डंकी मार्ग से अमेरिका जाने की ठानी थी।
इसके लिए इन्होंने अपना जीवन तक दाव पर लगा दिया था। घने जंगल, दलदली जमीन को पार करते हुए जैसे ही यह विदेशी धरा पर पहुंचे तो उन्हें वहीं पकड़ लिया गया। इतना ही नहीं रास्ते में कई दिन भूखे रहना पड़ा। अब भारत वापस भेजे जाने से उनका खर्च किया गया सारा रुपया मिट्टी हो गया।
जिसकी शिकन उनके परिजनों के माथे पर साफ दिखाई दे रही थी। अपने बच्चों के भारत वापस आने पर सभी को गम सता रहा है और कोई भी बात करने से इन्कार कर रहे हैं। क्योंकि लाखों रुपया गंवाने के कारण सभी गमजदा हैं। ज्यादातर ने विदेश तक पहुंचने के लिए 40 से 45 लाख रुपये खर्च किए लेकिन हाथ कुछ नहीं लगा।




